Saturday, June 6, 2015


उत्तराखण्ड आपदा घोटाला 

उत्तराखण्ड आपदा घोटाला अब सरकार के लिए गले की फास बनता जा रहा है सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत हुए खुलासे से यह बात साबित हो गयी की किसी तरह देश के पैसे को बर्बाद किया गया है। सरकारी अफसरो ने करोड़ों रूपये डकार दिये। आपदा घोटाले को जिस तरह सूचना आयुक्त नौटियाल ने घोटाले का पर्दाफास किया है, और यह जाहिर कराया कि देश एंव राज्यो में जिस तरह से भ्रष्टाचार ने अपने जड़े जमायी हुई हैं, वह एक विचारणीय प्रशन है। अब यह बात सामने आती है कि जब अफसरों ने इतने पैसे का घोटाला किया तो नेताओं ने किस कदर लूट मचायी होगी। तत्कालीन बहुगुणा सरकार को इसी कारण हटाया गया था । निर्वतमान मुख्यमंत्री हरीश रावत जी एंव पूरी काॅग्रेस के निशाने पर इस समय सूचना आयुक्त हैं। जिस सूचना आयुक्त इन इतने बडे़ घोटाले से पर्दाफाश करवाया आज वह उत्तराखण्ड सरकार की आॅखों में किरकीरी बना हुआ है। जिस तरह मुख्यमंत्री हरीश रावत आपदा पुनर्वास एंव केदारनाथ को फिर से खड़ा करने के लाख दावे कर लें, लेकिन हकिकत कुछ और नजर आ रही है। मझे हुए राजनितिक हरीश रावत जी से इस बार आपदा घोटाले को लेकर जिस तरह रूख अपनाया वह कुछ ही और संकेत करता है। जिस तरह मुख्यमंत्री हरीश रावत अभी तक के कार्यकाल से यही लग रहा था कि वो प्रदेश को सही दिशा पे लेकर जायेगें, लेकिन अब वो भटकते नजर आ रहे हैं। जिस तरह से काॅग्रेस इस पूरे मामले की लिपा-पोती कर रही है वह शर्मनाक है। 



Durgesh Ranakoti
Dehradun, Uttarakhand
06 June, 2015

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