Friday, June 12, 2015

पूरे विश्व में हर दूसरा आदमी किसी न किसी बिमारी से ग्रसित क्यों है ?



आज आधुनिक युग में पूरे विश्व में देखे तो आम हो या खास आदमी खान-पान के कारण एंव अनिमियत जीवन शैली के कारण वह किसी न किसी बीमारी का शिकार होता जा रहा है पूरी दुनिया में लगभग 60 से 70 प्रतिशत लोंग मधुमेह जैसी बिमारी से ग्रसित है। इसके बाद अर्थ राइटीस, ब्लड प्रेसर, हार्ट अटेक, मोटापे, डिप्रेशन, वीपी0, आदि के शिकार होते जा रहे हैं। जबकि हम लोग लगातार चाहे वह चिकित्सा विज्ञान हो या तकनीकी विज्ञान हम नये-नये शोध करते आ रहे हैं। लेकिन ये पता नहीं लगा पा रहे है कि पूरे विश्व में हर दूसरा आदमी किसी न किसी बिमारी से ग्रसित क्यों है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार खान-पान एंव अनियमित जीवन शैली के कारण माना जा रहा है। लेकिन जरा सोचों कि 60 से 70 के दशक में भी इतने लोग बिमार थे। अब विचारणीय प्रशन यह है कि जो हम लोग खा रहे हैं वह कितना शुद्व एंव पौष्टिक है, उसमें कितनी मिलावट है। जनसंख्या के बढने के साथ-साथ भोजन की माॅंग एंव खपत भी बढती गई, लेकिन पैदावर भी बढनी चाहिए, किसानों ने मुनाफे एंव पैदावार बढाने के लिए नई तकनीको के इस्तेमाल के साथ-साथ रासायनिक खादों का प्रयोग जमकर किया जाता है, इससे पैदावर तो बढेगी ही, और मुनाफा भी कमाया जायेगा। लेकिन इससे आम आदमी के स्वास्थ्य पर विपरित असर पडता जा रहा है। रासायानिक खादों के अत्याधिक इस्तेमाल से हमारे स्वास्थ्य पर विपरीत असर पडा है, जिस कारण पूरे विश्व में हर दूसरा व्यक्ति किसी न किसी बिमारी से ग्रसित है। विश्व स्वास्थ्य संगठन को इस बारे में जरूर सोचना चाहिए कि परम्परागत खेती को बढावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें जिससे हम लोगों के जीवन पर खान-पान पर बूरा असर न पडे। आधुनिक जीवनशैली के कारण हम लोगों की प्रति जैविक क्षमता कम होती जा रही है। जिस कारण लगातार बिमारीया बढती जा रही है। आज से 50 या 60 साल पहले इन बिमारीयों से बहुत कम लोग प्रभावित थे, क्योंकि उस दौरान पूरे विश्व में तकनीक का इस्तेमाल इतना नहीं था और श्रम शक्ति के ऊपर आत्म निर्भरता अधिक थी, और रासायनिक खादों का इस्तेमाल कम मात्रा में होता था। इसलिए पूरे विश्व में बिमारीयों से लोग इतनी संख्या में ग्रसित नहीं थे।


Durgesh Ranakoti
Dehradun, Uttarakhand
12 June, 2015

Sunday, June 7, 2015

फ्रेच ओपन 2015



सरेना विलियमस ने जीता 20वाॅं ग्रैंड स्लैम  खिताब 

सरेना विलियम ने 06 जून 2015 को अपना 20वाॅं ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम कर लिया । अमेरिका की सरेना विलियम ने फाइनल मैच में चेक गणराज्य की नवोदित लूसी सफरोवा को रोमाचक मुकाबले में 6-3, 6-7, 6-2 से मात देकर सर्वाधिक ग्रैंड स्लैम  जीतने के रिकार्ड के लिए दो कदम दूर है। 33 वर्षीय सरेना के कैरियर का यह 24वाॅ फाइनल मुकाबला था, जिसमें उन्होंने जीत हासिल की।
इससे पहले स्टेफी ग्राफ ने 22 ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम कर रखे हैं। इसके साथ ही इस साल सेरेना विलियम्स ने चारों गैंड स्लेम खिताब अपने नाम कर दिया। इससे पहले चारो ग्रैंड स्लेम खिताब तीन महिला खिलाडीयों ने अपना नाम किया । अतिंम बार यह खिताब 1988 में स्टेफी ग्राफ ने अपना नाम कर दिया था। दुनिया की नम्बर एक खिलाडी सरेना विलियम ने फ्रेच ओपन जीतकर 20वाॅ ग्रैड स्लेम अपने नाम किया। इस जीत के साथ सरेना टेनिस इतिहास में आस्टेªलिया की मार्गरेट कोर्ट 24 ग्रैंड स्लैम खिताब, स्टेफी ग्राफ ने 22 ग्रैंड स्लैम खिताब के बाद तीसरे स्थान पर पहुॅच गयी है। 

Durgesh Ranakoti
Dehradun, Uttarakhand
07 June, 2015

Saturday, June 6, 2015


उत्तराखण्ड आपदा घोटाला 

उत्तराखण्ड आपदा घोटाला अब सरकार के लिए गले की फास बनता जा रहा है सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत हुए खुलासे से यह बात साबित हो गयी की किसी तरह देश के पैसे को बर्बाद किया गया है। सरकारी अफसरो ने करोड़ों रूपये डकार दिये। आपदा घोटाले को जिस तरह सूचना आयुक्त नौटियाल ने घोटाले का पर्दाफास किया है, और यह जाहिर कराया कि देश एंव राज्यो में जिस तरह से भ्रष्टाचार ने अपने जड़े जमायी हुई हैं, वह एक विचारणीय प्रशन है। अब यह बात सामने आती है कि जब अफसरों ने इतने पैसे का घोटाला किया तो नेताओं ने किस कदर लूट मचायी होगी। तत्कालीन बहुगुणा सरकार को इसी कारण हटाया गया था । निर्वतमान मुख्यमंत्री हरीश रावत जी एंव पूरी काॅग्रेस के निशाने पर इस समय सूचना आयुक्त हैं। जिस सूचना आयुक्त इन इतने बडे़ घोटाले से पर्दाफाश करवाया आज वह उत्तराखण्ड सरकार की आॅखों में किरकीरी बना हुआ है। जिस तरह मुख्यमंत्री हरीश रावत आपदा पुनर्वास एंव केदारनाथ को फिर से खड़ा करने के लाख दावे कर लें, लेकिन हकिकत कुछ और नजर आ रही है। मझे हुए राजनितिक हरीश रावत जी से इस बार आपदा घोटाले को लेकर जिस तरह रूख अपनाया वह कुछ ही और संकेत करता है। जिस तरह मुख्यमंत्री हरीश रावत अभी तक के कार्यकाल से यही लग रहा था कि वो प्रदेश को सही दिशा पे लेकर जायेगें, लेकिन अब वो भटकते नजर आ रहे हैं। जिस तरह से काॅग्रेस इस पूरे मामले की लिपा-पोती कर रही है वह शर्मनाक है। 



Durgesh Ranakoti
Dehradun, Uttarakhand
06 June, 2015