Thursday, February 20, 2014

चुनावी बजट 2014


चुनावी बजट 2014

वित्तमंत्री पी0 चिदम्बरम का चुनावी बजट लोकलुभावना होने के साथ साथ उन्होंने मध्यमर्गीय लोगों की आवश्यकता वाली चींजो का उत्पादन शुल्क घटाकर जैसे कार, बाइक, गीजर, माइक्रोवेव ओवन, टी0वी0, फ्रिज, वाशिंग मशीन, मोबाइल फोन,को सस्ते करने का रास्ता साफ किया है। एंव विशेषकर सैनिकों की लम्बे समय से चली आ रही माॅंग वन रैंक वन पेंशन को पूरा किया है। ।
2009 से पहले एजूकेशन लोन में ब्याज को माफकर, महिलाओं की सुरक्षा को लेकर निर्भया फड़ में बढ़ोत्तरी करके और किसानों को सस्ती दर कृषि ऋण उपलबध कराना है। पहाड़ी राज्यों के लिए 1200 करोड़ रूपये की अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता दी जायेगी। यह अंतरिम बजट चार महीनों के लिए पेश किया गया है लेकिन इसमें आम आदमी की जरूरत की चीजें रोटी कपड़ा और मकान की आवश्यकता दो वक्त की रोटी होती है। इस बजट में महॅगाई का कहीं जिक्र तक नहीं हैै।, जो यू0पी0ए0 सरकार की नाकामयाबी का सबसे बड़ा उदाहरण है। पेट्रोल के बढ़ते दामों को नियत्रण एंव उससे सम्बधित कोई घोषणा इसमें नहीं है, जिससे आम आदमी सबसे ज्यादा परेशान है। इस बजट से सरकार को अगर आम लोगों को खुश करना था, तो आम आदमी की जरूरत की चीजो को सस्ता करके महॅगाई को कम करने को लेकर होना चाहिए था।  कोरोसिन एंव एल0पी0जी0 में भी सरकार  को राहत देनी चाहिए थी,
लोक लुभावनी घोषणाओं को छोड़कर आम आदमी को ध्यान मेें रखना चाहिए था। हाॅलाकि जाते जाते-जाते  काॅग्रेस ने सैनिकों को ‘‘वन रैंक वन पेंशन’’ का तोहफा देकर खुश जरूर कर दिया है।

दुर्गेश रणाकोटी
देहरादून, उत्तराखण्ड
20 फरवरी 2014