Wednesday, September 18, 2013

कृषि प्रधान देश


कृषि  प्रधान देश  होने के बावजूद भारत की आर्थिक स्थिति खराब है

कृषि  प्रधान देश होने के बावजूद भी देष की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। महंगाई इस कदर ब-सजय़ चुकी है कि गरीब आदमी का दो वक्त की रोटी भी नसीब नही हो सकती है। ईधन, प्याज, सब्जियो के दाम आसमान छू रहे है। बीते अगस्त खाने-पीने की चीजों की महंगाई तीन साल में सबसे ज्यादा 18.18 फीसदी ब-सजय़ी है। थोक मूल्य सूचकाॅक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित मंहगाई दर ब-सजय़कर 6.1 फीसदी पर पहुॅच गई है।

पिछलेे साल के मुकाबले प्याज इस साल अगस्त में 245 फीसदी (करीब -सजय़ाई गुना) महंगा हुआ है। जबकि सब्जियो के दाम 78 फीसदी, डीजल पर 27 फीसदी, एल0पी0जी0 पर तकरीबन 8 फीसदी महगाई ब-सजय़ी है। और जिसका सीधा असर हमारे पेट पर पडने वाला है। काॅग्रेस सरकार की आर्थिक नितियो के चलते महंगाई आसमान छू रही है। सरकार को उत्पादन को ब-सजय़ावा देने के लिए कारगार उपाय करने चाहिए। सरकार को जमाखोरो के खिलाफ सख्त कारवाई करनी चाहिए। 

रू0 के घटने के कारण भारत मे महंगाई ब-सजय़ी लेकिन आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए केन्द्र सरकार को ठोस नीति बनानी चाहिए। ताकि सांसदो द्वारा दिये गये पाॅच और बारह रू0 में खाना खाने का सपना पूरा हो सके। आम आदमी का सरकार के ऊपर से विष्वास उठ चुका है, सरकार चाहे खाने-पीने की वस्तुॅए हो या आम जरूरत की चीजो, तेल पर भी कोई नियंत्रण नही रख पाई है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन जीने वालो को दो वक्त की रोटी के लिए भी खून पसीना एक करना पडे़गा क्योंकि जरूरत की सभी चीजो के दाम दोगुने हो चुके है।


दुर्गेश  रणाकोटी
देहरादून, उत्तराखण्ड
18 सिंतम्बर 2013 

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