Monday, May 20, 2013

भारतीय जनता पार्टी


                                        भारतीय जनता पार्टी


भा0ज0पा0 को कांग्रेस  पार्टी की तरह आलाकमान या फिर कोर कमेटी का गठन करना चाहिए जिसमें देष के प्रतिश्ठतम एंव बुद्विजीवी भा0ज0पा0 नेताओं की एक टीम का गठन करना चाहिए, जिससे की राज्यों एंव नेताओ की महत्वकाक्षाओं को पनप ने न देना एंव वरिश्ठतम पार्टी नेताओ की मनमानी को रोकना एंव उदयीमान नेताओ को भी इसमें षामिल करना एंव कोर/हाईकमान का निर्णय अंतिम मानना चाहिए। 

क्योंकि इससे नेताओ की महत्वकाक्षाओं में कमी आयेगी एंम कर्मठता के लिए पुराने एंव पार्टी के वफादार कार्यकताओं में मनोबल एंव उचित सम्मान मिलेगा।

कोर में अनुभवी कम से कम 25 से 30 साल का राजनितिक अनुभव एंव कर्मठ नेता एंव सांसद इसका सदस्य हो। इसका अध्यक्ष वरिश्ठतम एंव विद्वान और लम्बा राजनितिक अनुभव वाले नेता जिसकी पार्टी मे अच्छी पकड हो को बनाना चाहिए जैसे लाल कृश्ण आडवाणी जी और उस पर कोई आरोप या आक्षेप न लगा हो। 

और कोर कमेटी के सदस्यों मे जैसे सुषमा स्वराज, अरूण जेठली, नरेन्द्र मोदी, राजनाथ सिंह, षिवराज सिंह, रमन सिंह, जसवंत सिंह, यषवन्त सिन्हा, रंविषकर प्रसाद , भुवन चन्द्र खडूडी, अंनत कुमार उदयीमान नेताओे में षहनवाज हुसैन आदि। 

इससे लम्बे समय से पार्टी की सेवा कर रहे नेताओं का सम्मान भी बना रहेगा और लम्बे अनुभव के बाद उनकी उपेक्षा भी नही होगी और उनको कोई न कोई पद भी मिल जायेगा । और पार्टी में वर्चस्व कि लड़ाई भी नही होगी, पर्फोमेंस के हिसाब से पार्टी में कार्यकताओं और नेताओं का कद अपने आप सिद्व हो जायेगा। इससे पैसे की राजनीति एवं धन बल से पार्टी में कद तय नही होगा बल्कि आपका काम आपका कद तय करेगा।

जिससे नेताओं के बीच असन्तुश्टता की भावना नहीं पनपेगी जिस तरह भा0ज0पा0 में पहले अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान हो रही थी और आलाकमान के फैसले का विरोध होता है वह सब बन्द हो जायेगा आपकी काबलियत ही आपको पद दिलायेगा जो नेता कार्यकताओ की पंसद होगा उसी को टिकट मिलेगा । और अनुषासन को बल मिलेंगा जो नेता अनुषासन तोडेगा, उसके खिलाफ अनुषासनात्मक कार्यवाही की जायेगी और किसी भी सक्स को बक्सा नही जायेगा जो अनुषासन तोडेगा, पार्टी से ब-सजय़कर कोई नेता नही है। 

और फिर चुनाव टीम घोशित हुई उससे भी पार्टी नेताओं में असन्तुश्टता की भावना थी कुछ वरिश्ठ नेताओं की इसमें अनदेखी की गई थी। 
इसमें प्रत्येक राज्य के एक वरिश्ठतम एंव उदयीमान नेता कम से कम एक होना चाहिए था। लोकसभा चुनाव में पार्टी कार्यकताओं एंव वरिश्ठ नेताओं को इसमें षामिल करना चाहिए और उनकी अनदेखी नही होनी चाहिए ।

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