Tuesday, February 12, 2013

विकास की मार झेल रहा है प्रताप नगर एंव टिहरी जिले के आस-पास का क्षेत्र



विकास की मार  झेल रहा है प्रताप नगर एंव टिहरी जिले  के आस-पास का क्षेत्र

2006 में टिहरी बाॅध के बन जाने के बाद -हजयील में पानी भरने के बाद वहाॅ रह रहे आस-पास हजारों लोगों को आवागमन कि समस्या से लोगों का जन जीवन आज 2013 में भी अस्त व्यस्त है वे लोग आज भी 60-70 किलोमीटर की दूरी तय कर अपने आषियानों तक पहुचते हैं।

इस बारे में टिहरी हाइड्रो डवलप्मेन्ट काॅरपोरेषन(टी0एच0डी0सी0) एंव जन प्रतिनिधियो एंव माननीय सांसद को भी केन्द्र सरकार को अवगत कराना चाहिए कि देश  के विकास के लिए जीन लोगो ने अपने खेत खलियान एंव घर तक गवाना पड़ा उन लोगों के पुनर्वास एंव समस्यों एंव मुलभूत आवष्यक्ताओं को इन लोगों को अगर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी देहरादून का मुह ताकना पड़ता है  इतने लम्बे समय तक पूरा न करना क्या कहता है लम्बे समय से सड़क निर्माण हो या पुल सब के सब आज भी निर्माणाधीन है जबकि सरकार को बाॅध निर्माण से पहले इन सब मूलभूत आवष्यकताओं के बारे में सोचना चाहिए था। 

पहले इनको पूरा करना चाहिए था आज देष में कामोबेष हर जगह पूर्नवास एंव विकास की बाट आज भी वो लोग -सजयो रहे है जिन्होने विकास के लिए अपना घर जमीन खेती-बाडी दी है, पुनर्वास एक समस्या है लेकिन सरकार को आम आदमी की मूलभूत समस्याओ को तो पूरा करना चाहिए। 

जबकि माननीय सुप्रीम कोर्ट बार-बार इस सम्बन्ध में दिशा  निर्देश  देता रहता है कि केन्द्र एंव राज्य सरकार को यु़द्व स्तर पर इन लोगों की समस्याओं को सुल्जाना चाहिए था । 


दुर्गेश रणाकोटी 
देहरादून उत्तराखण्ड 



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