Thursday, September 20, 2012

राहत सामाग्री



राहत सामाग्री 

प्राकृतिक आपदाओं पर धन किसी भी सस्थान एंव संस्थाओं और व्यवसाहिक घरानों को सीधे धन एव राहत सामाग्री को राहत स्थल पर वितरित कर देना चाहिए जिस से की सीधे तौर पर जनता को धन एव सामान राहत स्थल पर मिल जाता है एंव उनको मदद एव राहत सामाग्री भी सही समय पर मिल जाती है।

राहत कोशो मे दी गयी सामाग्री एंव पैसे देने में काफी समय बर्बाद होता है एव धन सही समय पर जरुरत मदों को नही मिल पाता है। और इसका लेखा-जोखा सरकार के माध्यम से होना चाहिए, ताकि ऐसे फर्म एंव संस्थाओ को सरकार को प्रोत्साहित करना चाहिए एंव इनका रजिस्टेªषन करना चाहिए। 

इनको इनकम टैक्स एंव सामाजिक कार्यो मे देश  की भागीदारी एंव मद्द करने के लिए पुरस्कार एंव आर्थिक सहायता देनी चाहिए ताकि ये संस्थान एंव कम्पनीया संकट एंव प्राकृतिक आपदाओ मे देष एंव समाज की मद्द के लिए हमेषा तत्पर रहे।

दुर्गेश रणाकोटी 
देहरादून, उत्तराखण्ड । 
            

Saturday, September 8, 2012

Reservation


आरक्षण दे पर एक अभिषप्त है। आज देष के आजादी के 65 वर्शो के बाद आरक्षण जैसी विकराल समस्या जस की तस बनी हुई क्या 65 सालो से जो पिछडे है वो आज बी पिछडे है फिर क्या गारटी है कि लोग कभी पिछडे पन से दूर हो जायेगे। राजनितिक पार्टीयों ने सिर्फ अपने फायदे के लिए ये पैतरा फेका था और आज भी आरक्षण जस का तस बना है जबकि पिछडे लोग आरक्षण का लाभ लेने के लिए आज भी आतुर है जो सही मायने पिछडा है वो आरक्षण के 65 वर्शो के बाद भी पिछडा है